मैं कुछ लम्हा और तेरा…

मैं कुछ लम्हा और तेरा…

मैं कुछ लम्हा और तेरा साथ चाहता था, 
आँखों में जो जम गयी वो बरसात चाहता था, 
सुना हैं मुझे बहुत चाहती है वो मगर, 
मैं उसकी जुबां से एक बार इज़हार चाहता था।

mai kuchh lamha aur tera saath chahta tha,
aankho me jo jam gayi vo barsaat chahat tha,
suna hai mujhe bahut chahti hai vo magar,
mai uski zuba se ek baar ijhaar chahta tha|

Leave a Reply