दो अश्क मेरी याद में…

दो अश्क मेरी याद में…

दो अश्क मेरी याद में बहा जाते तो क्या जाता, 
चन्द कालियां लाश पे बिछा जाते तो क्या जाता । 

आये हो मेरी मय्यत पर सनम नक़ाब ओढ़ कर तुम, 
अगर ये चांद का टुकडा दिखा जाते तो क्या जाता ।

do ashq meri yaad me baha jaate to kya jaata,
chand kaliya laash pe bichha jate to kyaa jaata|

aaye ho meri mayyat par saman nakaab odh kar tum,
agar ye chand ka tukda dikha jaate to kya jata|

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